बहुत ज्यादा लाइटों से हो रहा है पलूशन! सावधान

बहुत ज्यादा लाइटों से हो रहा है pollution! सावधान

 

Due to the global lights being pollution

 

ज्यादा लाइट्स कर रही है वहा के एरिया को गन्दा जी है जिस जगहे आप रह रहे हो वहा का वातावरण लाइट्स के वझे से pollution से भर गया है

 

बर्लिन

भारत, चीन पाकिस्तान सहित दुनिया के कई देश अभी तक वायु प्रदूषण से निपटने के लिए जूझ रहे हैं लेकिन अब एक और प्रदूषण है जो दुनियाभर में बेहद तेजी से फैल रहा है। यह है light pollution (प्रकश प्रदूषण) यानी कृत्रिम रोशनी से होने वाला pollution | एक स्टडी में खुलासा हुआ है कि किसी भी पार्टी, फंक्शन में ज्यादा लाइट जलाकर चकाचौंध होना बेहद आम है लेकिन यह कृत्रिम चकाचौंध भारत समेत पूरी दुनिया में ‘प्रकाश प्रदूषण’ को बेतहाशा बढ़ा रही है। शोधकर्ताओं का कहना है कि वैसे तो नगर निगम, उपक्रम एवं परिवार ऊर्जा बचाने के लिए led प्रकाश व्यवस्था को अपना रहे हैं लेकिन यदि पड़ोसी नई और तेज चमक वाले Lamps लगाते हैं तो यह बचत धरी की धरी रह सकती है।

Due to the global lights being pollution

जर्नल साइंस अडवांसेज में प्रकाशित इस अध्ययन के अनुसार धरती पर कृत्रिम रप से प्रकाशित सतह विकिरण बढ़ा देती है और पिछले 4 साल में उसमें दो फीसद सालाना की दर से वृद्धि हुई है। वैज्ञानिकों ने रात में रोशनी के लिए विशेष रूप से तैयार पहले समेकित उपग्रह रेडियोमीटर के आंकड़ों का उपयोग किया। इसमें भारत का भी 2012 से 2016 तक के आंकड़ें शामिल हैं।

 

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Due to the global lights being pollution

वैज्ञानिकों को डर है कि यह प्रतिकूल प्रभाव शहरों में व्यक्तिगत नई (एलईडी) लाइटिंग सिस्टम की बचत को आंशिक या पूर्ण रप से निष्प्रभावी कर सकता है और आसमान को काफी तेज रोशनी से भर सकता है। जेएफजेड जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंस के क्रिस्टोफर कैबा की अगुवाई में हुए इस अध्ययन में इस संकल्पना के पक्ष में सबूत भी दिए गए हैं।

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